Siddhartha Bhaiya ने शेयर बाजार में भीड़ से अलग चलकर अपना अलग पहचान बनाई और करीब 13 साल में 10 लाख रुपये को लगभग 4 करोड़ रुपये में बदल दिया। उनकी PMS फर्म Aequitas ने स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में कॉन्ट्रा निवेश रणनीति से लगभग 33 प्रतिशत कंपाउंड रिटर्न दिया।
Siddhartha Bhaiya शुरुआती सफर और निवेश सोच
मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट Siddhartha Bhaiya ने करियर की शुरुआत इक्विटी रिसर्च और फंड मैनेजमेंट से की और बाद में Aequitas Investment Consultancy की नींव रखी। उन्होंने भीड़ का पीछा करने के बजाय वैल्यू और ग्रोथ दोनों को देखते हुए ऐसे स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर चुने, जिन्हें बाजार उस समय नजरअंदाज कर रहा था। उनकी सोच थी कि असली संपत्ति लंबी अवधि में बनती है, इसलिए वह आम तौर पर किसी स्टॉक को लगभग तीन साल तक होल्ड करके चलने देते थे।
India Opportunities Fund का प्रदर्शन
Aequitas का प्रमुख PMS प्रोडक्ट India Opportunities Fund फरवरी 2013 में शुरू हुआ और इसने लगभग 33 प्रतिशत की सालाना कंपाउंड ग्रोथ दी। इसका मतलब है कि किसी निवेशक ने 2013 में 10 लाख रुपये लगाए होते, तो 13 साल में यह रकम करीब 4 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती थी, जो लगभग 3,700 प्रतिशत के एब्सोल्यूट रिटर्न के बराबर है। नवंबर 2025 तक एक साल की अवधि में यह फंड करीब 36 प्रतिशत रिटर्न के साथ अपने कैटेगरी में टॉप पर रहा, जबकि कई अन्य PMS स्कीमें इससे काफी पीछे रहीं।
Siddhartha Bhaiya की मल्टीबैगर स्टॉक चुनने की रणनीति
Siddhartha Bhaiya की पहचान ऐसे फंड मैनेजर की रही, जो शुरुआती दौर में मजबूत छोटी कंपनियों को पकड़कर लंबी रैली का इंतजार करते थे। Avanti Feeds, Apar Industries, Sanghvi Movers, JSL, HEG और Finolex Cables जैसे कई स्टॉक्स में उन्होंने कई गुना रिटर्न बनाया और इनका नाम Dalal Street पर मल्टीबैगर लिस्ट में शामिल कराया। उनकी रणनीति थी कि जहां बाजार बहुत ज्यादा उत्साहित हो, वहां सतर्क रहो और जहां अच्छे बिजनेस सस्ते मिल रहे हों, वहां धीरे-धीरे पोर्टफोलियो बनाते रहो
बुल मार्केट में कैश और गोल्ड की चाल
नवंबर 2024 के आसपास जब इंडियन मार्केट नए हाई के बाद महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे थे, तब Aequitas ने पोर्टफोलियो का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा कैश में रखा। बाद में इस कैश को बड़े हिस्से में गोल्ड ETF में शिफ्ट किया गया और सिल्वर ETF के साथ कुछ चुनिंदा स्टॉक्स भी पोर्टफोलियो में जोड़े गए, जिसके कारण नवंबर 2025 तक एक साल में फंड का रिटर्न लगभग 36 प्रतिशत रहा। उनके मुताबिक उस समय भारतीय बाजार में ग्रोथ की कहानी के मुकाबले वैल्यूएशन काफी आगे निकल चुके थे और ग्लोबल मार्केट अपेक्षाकृत आकर्षक दिख रहे थे।
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